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30 वर्ष बाद बुध पुष्य योग, खरीददारी के लिए श्रेष्ठ
डॉ श्रद्धा सोनी

30 वर्ष बाद दीपावली के पहले बन रहा है बुध पुष्य योग का संयोग. 31 अक्टूबर बुधवार को पुष्य नक्षत्र पढ़ रहा है. ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों के चक्र में पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र होता है. इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति है और स्वामी शनि है. कोई भी नया कार्य या व्यवसाय शुरू करने के लिए अथवा खरीददारी करने के लिए पुष्य नक्षत्र अति शुभ माना जाता है.
पुष्य नक्षत्र का संयोग इस बार 31 अक्टूबर बुधवार को बन रहा है. इस साल धनतेरस दीपावली के पूर्व पढ़ रहे पुष्य नक्षत्र को इसलिए खास माना जा रहा है कि 30 वर्ष बाद बुध पुष्य योग में पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है जो की खरीददारी के लिए श्रेष्ठ है. इस दिन सप्तमी तिथि के साथ पुष्य नक्षत्र युक्त है. पुष्य नक्षत्र में वाहन, ज्वेलरी, इलेक्ट्रिक, कपड़े, फर्नीचर, वाहन, सोना-चांदी, भूमि, मकान खरीदारी के लिए अति शुभ माना जाता है.
ज्योतिष की दृष्टि से ज्योतिष मनीषियों ने प्रकृति आकृति तथा महत्व के आधार पर खास 27 नक्षत्रों को चुना इसमें पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना गया है. पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति है जो ज्ञान विज्ञान तथा नीति निर्धारण में अग्रणी बनते हैं. हे नक्षत्र शनि दशा को दर्शाता है शनि स्थिर ता के घोतक है. इस कारण पुष्य नक्षत्र में किए गए सभी कार्य चिरस्थाई होते हैं.
पुष्य नक्षत्र का योग सभी प्रकार के दोष को हरने वाला और शुभ फलदाई है पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तु घर में लाकर रखते हैं तो वह वस्तु स्थिर रहती है और घर में अधिक समय तक रहती है पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करना अति शुभ माना गया है इस वर्ष पुष्य नक्षत्र सभी राशियों के लिए खरीददारी के लिए शुभ है बताया जाता है कि बुध पुष्य नक्षत्र सभी राशि वालों के लिए सुख समृद्धि लेकर आ रहा है.
बुध पुष्य नक्षत्र में धातुओं के अलावा जमीन मकान सोना चांदी इलेक्ट्रिक फर्नीचर वाहन आभूषण कलम दवात लक्ष्मी पूजन का सामान खरीदना समृद्धि कारक माना जाता है पुष्य नक्षत्र 30 अक्टूबर मंगलवार की रात्रि 3:45 से 31 अक्टूबर बुधवार को रात्रि 2:34 तक रहेगा 31 अक्टूबर बुधवार को सुबह से लेकर रात्रि तक खरीदारी करना शुभ होता है प्रातः 6:24 से 9:24 तक लाभ अमृत की चौघड़िया शुभ है 10:45 से 12:15 तक शुभ की चौघड़िया शुभ है शाम को 4:15 से 6 तब लाभ की चौघड़िया शुभ है शाम को 6: से 10:30 तक उद्वेग अमृत की चौघड़िया खरीददारी करने के लिए सुबह स्थिर लग्न के अनुसार 1:48 से 3:31 तक कुंभ लग्न रात्रि में 6:32 से 8:30 तक वृषभ लग्न खरीदारी के लिए शुभ है.


